रैली में मोदी पर हमला कर देश से भाग जाना चाहता था उमेर
रायपुर, नई दुनिया। स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के छत्तीसगढ़ का मुखिया उमेर सिद्दीकी संसद पर हमले के आरोपी रहे अफजल गुरु से खासा प्रभावित था। उसकी मंशा देशभर में आतंकी घटनाएं कर अफजल की ही तरह खूंखार आतंकी बनने की थी। ये राज उसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के समझ पटना में खोले।
उमेर ने एनआइए को बताया कि वह देश में वारदात कर दुबई, पाकिस्तान या अफगानिस्तान जाकर भारत में तैयार अपने आतंकी मॉड्यूल को चलाना चाहता था। इतना ही नहीं वह आइएम, लश्कर, जैश जैसे बड़े आतंकी गुटों में भी शामिल होना चाहता था।
खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि यदि उमेर अंबिकापुर, रायपुर की सभा में नरेंद्र मोदी पर हमला करने में सफल हो जाता तो वह यहां की कमान अजहर उर्फ अजहरुद्दीन को सौंपकर विदेश भागने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले मामले का भंडाफोड़ हो गया और उमेर पकड़ा गया।
एनआइए सूत्रों ने बताया कि बोधगया और पटना में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में जांच एजेंसी ने उमेर सिद्दीकी उर्फ बाबा व अजहर उर्फ अजहरुद्दीन कुरैशी को सरकारी गवाह बनाया है। गत एक सप्ताह से दोनों पटना में हैं और शनिवार को उन्हें पटना की अदालत में पेश किया गया। जहां मजिस्ट्रेट के समक्ष उनका बयान दर्ज कर उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया। दोनों को रायपुर से 14 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी दोनों के नार्को टेस्ट पर भी विचार कर रही है। जल्द ही इसके लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी।
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