Wednesday, 18 December 2013

लोकपाल बिल पास, अन्ना ने खत्म किया अनशन

लोकपाल बिल पास, अन्ना ने खत्म किया अनशन

Wed, 18 Dec 2013 06:03 PM (IST)
लोकपाल बिल पास, अन्ना ने खत्म किया अनशन
नई दिल्ली। 45 साल के लंबे इंतजार और तीन साल की जद्दोजहद के बाद आखिरकार लोकपाल बिल दोनों सदनों से पास हो गया। मंगलवार को राज्यसभा से पास होने के बाद बुधवार को यह लोकसभा से भी ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अब बिल हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा उसके पश्चात यह कानून का रूप ले लेगा। हालांकि यह बिल लोकसभा से पहले ही पारित किया जा चुका है, लेकिन संशोधन बिल राज्यसभा में पेश किए जाने के चलते इसे दोबारा लोकसभा पारित किया गया है। इसके साथ ही लोकसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। उधर, बिल पारित होने के बाद रालेगणसिद्धि में अन्ना हजारे ने भ अनशन खत्म कर दिया है।
अन्ना ने समर्थकों को संबोधित करते हुए बिल के पास होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और सपा को छोड़कर सभी दलों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कानून के आने से गरीबों को न्याय मिलेगा। इससे 40 से 50 फीसद भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। इसे लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाना चाहिए। अन्ना ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल कैमरे के सामने बोलने से देश का भला होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए विदेशों से फंड नहीं लिया। यहां के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर पिछले आठ दिनों से आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा कि कानून बन जाने से कुछ नहीं होने वाला है, इसका सही अमल होना जरूरी है। अन्ना ने कहा कि लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए वह देश भर में अच्छे लोगों को खोजेंगे, रिटायर्ड जजों और पुलिस अफसरों की कमेटी बनाएंगे। इसके लिए लिए देशभर के लोगों से पांच रुपये चंदा लिया जाएगा। बाद में अन्ना को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया गया।
इससे पहले, कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने लोकसभा में जैसे ही लोकपाल बिल पेश किया सपा के सदस्य हंगामा करने लगे। हंगामा के बीच चर्चा की शुरुआत में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग हंगामा कर रहे हैं, हम पहले से ही इस बिल के पक्ष में हैं। उन्होंने सशक्त लोकपाल के लिए सरकार का समर्थन किया है। सुषमा ने कहा कि लोकपाल के लिए श्रेय लेने की होड़ न लगे। इस बीच, राहुल गांधी ने कहा कि इस मौके का पिछले 45 साल से इंतजार था, इसका पूरा श्रेय वयोवृद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे को जाता है।
इसके पश्चात सपा सांसद मुलायम सिंह यादव ने हंगामे के बीच अपनी बात रखी और लोकपाल बिल का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट करने का ऐलान कर दिया।
उधर, लोकपाल बिल के 44 साल बाद पास होने पर अन्ना हजारे ने खुशी का इजहार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इससे भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
किसने क्या कहा :
सशक्त लोकपाल के लिए सरकार का समर्थन। श्रेय लेने की होड़ न लगे। -सुषमा स्वराज
लोकपाल बिल खतरनाक है। इसे वापस लेना चाहिए-मुलायम सिंह यादव
लोकपाल बिल से भ्रष्टाचार नहीं मिटेगा। -शरद यादव
इस मौके का पिछले 45 साल से इंतजार था। -राहुल गांधी

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