Sunday, 22 December 2013

महागर्जना रैली लाइव: महाराष्ट्र गुजरात का बड़ा भाई

महागर्जना रैली लाइव: महाराष्ट्र गुजरात का बड़ा भाई

Sun, 22 Dec 2013 02:29 PM (IST)
महागर्जना रैली लाइव: महाराष्ट्र गुजरात का बड़ा भाई
मुंबई। 'महागर्जना रैली' में उमड़ी अपार भीड़ को देखकर गदगद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुंबई के इतिहास में रैली में आज तक शायद ऐसी भीड़ नहीं उमड़ी। उन्होंने कहा मुंबई और गुजरात को एक कड़ी से जोड़ते हुए कहा कि महाराष्ट्र गुजरात का बड़ा भाई है।
इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी लड़ाई महंगाई व गरीबी से है। एमएमआरडीए के मैदान में आयोजित रैली में नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है।
इससे पहले भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी 'महागर्जना रैली' को संबोधित करने के लिए मुंबई पहुंचे। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी मोम की प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि भारत में भी ऐसी प्रतिभा मौजूद हैं यह गर्व की बात है। मोदी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी मौजूद हैं।
भाजपा ने महागर्जना रैली एमएमआरडीए में 10 हजार चायवालों को वीआइपी पास भेजकर आमंत्रित किया है। इन पर पार्टी की खास निगाह इसलिए भी है, क्योंकि पार्टी मोदी की चाय वाले की छवि को भुनाना चाहती है। चार राज्यों में विधानसभा चुनाव की जीत के बाद बड़ी लड़ाई की तैयारी में जुटी भाजपा महाराष्ट्र को अपना अहम 'कैंप' मानकर चल रही है।
इस रैली के जरिए भाजपा कांग्रेस-राकांपा के बीच खटास को और बढ़ाने के साथ-साथ मनसे और शिवसेना को अपनी ताकत दिखाना चाहती है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश से मोदी की जहां राजनीतिक लांचिंग की तो अब आर्थिक राजधानी मुंबई से उनकी कॉरपोरेट लांचिंग की तैयारी है। मुंबई की रैली को अब तक की सबसे बड़ी रैली के रूप में आयोजित किया गया है।
पार्टी जानती है कि केंद्र में सरकार के लिए इस बार 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरना होगा। वह भी बिना बैसाखी के। इसके लिए मोदी सबसे मुफीद चेहरा हैं।

Saturday, 21 December 2013

Rahul Gandhi woos India Inc, faces tough questions

Rahul Gandhi woos India Inc, faces tough questions


रैली में मोदी पर हमला कर देश से भाग जाना चाहता था उमेर

रैली में मोदी पर हमला कर देश से भाग जाना चाहता था उमेर

Sun, 22 Dec 2013 01:57 AM (IST)
रैली में मोदी पर हमला कर देश से भाग जाना चाहता था उमेर
रायपुर, नई दुनिया। स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के छत्तीसगढ़ का मुखिया उमेर सिद्दीकी संसद पर हमले के आरोपी रहे अफजल गुरु से खासा प्रभावित था। उसकी मंशा देशभर में आतंकी घटनाएं कर अफजल की ही तरह खूंखार आतंकी बनने की थी। ये राज उसने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के समझ पटना में खोले।
उमेर ने एनआइए को बताया कि वह देश में वारदात कर दुबई, पाकिस्तान या अफगानिस्तान जाकर भारत में तैयार अपने आतंकी मॉड्यूल को चलाना चाहता था। इतना ही नहीं वह आइएम, लश्कर, जैश जैसे बड़े आतंकी गुटों में भी शामिल होना चाहता था।
खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि यदि उमेर अंबिकापुर, रायपुर की सभा में नरेंद्र मोदी पर हमला करने में सफल हो जाता तो वह यहां की कमान अजहर उर्फ अजहरुद्दीन को सौंपकर विदेश भागने की तैयारी में था। लेकिन इससे पहले मामले का भंडाफोड़ हो गया और उमेर पकड़ा गया।
एनआइए सूत्रों ने बताया कि बोधगया और पटना में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में जांच एजेंसी ने उमेर सिद्दीकी उर्फ बाबा व अजहर उर्फ अजहरुद्दीन कुरैशी को सरकारी गवाह बनाया है। गत एक सप्ताह से दोनों पटना में हैं और शनिवार को उन्हें पटना की अदालत में पेश किया गया। जहां मजिस्ट्रेट के समक्ष उनका बयान दर्ज कर उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया। दोनों को रायपुर से 14 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी दोनों के नार्को टेस्ट पर भी विचार कर रही है। जल्द ही इसके लिए कोर्ट से अनुमति ली जाएगी।

Friday, 20 December 2013

ज्यादातर लोग चाहते हैं दिल्ली में आप की सरकार: सिसोदिया

ज्यादातर लोग चाहते हैं दिल्ली में आप की सरकार: सिसोदिया

Sat, 21 Dec 2013 07:11 AM (IST)
ज्यादातर लोग चाहते हैं दिल्ली में आप की सरकार: सिसोदिया
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि जनता से राय जानने के दौरान ज्यादातर लोग चाहते हैं कि आप को सरकार का गठन करना चाहिए। सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा का चुनाव पटपड़गंज सीट से जीता है। आजकल वह रायशुमारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को जनता की राय पर एक बार फिर पार्टी बैठक कर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी।
सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से कभी समर्थन न तो मांगा है और न ही उन्हें समर्थन देने की बात कही है। उन्होंने यह भी माना कि आप के ही चुने हुए कुछ विधायक जहां चाहते हैं कि उन्हें कांग्रेस के समर्थन मिलने के बाद सरकार बनानी चाहिए, वहीं कुछ इसका विरोध भी कर रहे हैं। इस असमंजस से ही निकलने के लिए आप ने एक बार फिर से जनता के बीच जाने का मन बनाया था।
आप नेता ने एक बार फिर दिल्ली की जनता से अपील की वह ज्यादा से एसएमएस, ईमेल आदि भेजकर उन्हें अपनी राय से अवगत कराए, जिससे वह फैसला ले सके। गौरतलब है कि कांग्रेस से मिले बिना शर्त समर्थन के बाद आम आदमी पार्टी कुछ बातों को लेकर जनता के बीच रायशुमारी कराने में जुटी है कि उन्हें सरकार बनानी चाहिए या नहीं। सिसोदिया ने कहा कि अभी तक करीब साढ़े छह लाख लोगों की राय उन्हें मिल चुकी है।

Thursday, 19 December 2013

सर्वे: दोबारा चुनाव होने पर 'आप' का वोट होगा कम

सर्वे: दोबारा चुनाव होने पर 'आप' का वोट होगा कम

Fri, 20 Dec 2013 10:05 AM (IST)
सर्वे: दोबारा चुनाव होने पर 'आप' का वोट होगा कम
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी [आप] ने भले ही अपने पत्ते नहीं खोले हो, लेकिन सरकार बनाने को लेकर वह बेहद दबाव में है। कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन की घोषणा से आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बुरी तरह घिरे दिख रहे हैं। केजरीवाल न तो हां कह पा रहे हैं और न ही ना। इन सबके बीच उन्होंने कहा है कि वे दिल्ली की जनता से राय लेकर सोमवार को सरकार बनाने पर अपना रुख साफ करेंगे।
उधर, एक न्यूज चैनल और नीलसन ने इस मामले में दिल्ली की जनता से राय मांगी कि क्या कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में आम आदमी पार्टी को सरकार बनानी चाहिए? सर्वे में 80 फीसद लोगों ने कहा कि केजरीवाल को कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनानी चाहिए। वहीं, 19 फीसद लोगों का ख्याल है कि केजरीवाल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, इसलिए कांग्रेस के साथ मिलकर गठबंधन सरकार नहीं बनानी चाहिए। जबकि एक फीसद जनता की राय साफ नहीं है।
दिल्ली के ज्यादातर लोग दोबारा चुनाव नहीं चाहते हैं। जब इस सर्वे में पूछा कि किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है तो ऐसे में क्या दोबारा चुनाव होना चाहिए? इस सर्वे के मुताबिक, 64 फीसद लोग दोबारा चुनाव के खिलाफ हैं। 33 फीसद लोगों का कहना है कि दोबारा चुनाव होने में कोई हर्ज नहीं है। वहीं, 3 फीसद लोग इस मामले में असमंजस में दिखे।
साथ ही सर्वे के दौरान जब पूछा गया कि दोबारा चुनाव होने पर क्या वे केजरीवाल को वोट देंगे? जबाव में केजरीवाल का जादू साफ दिखा। 64 फीसद लोगों ने खुलकर कहा कि हां वे केजरीवाल को ही वोट देंगे। इसके मुकाबले 28 फीसद लोगों ने कहा कि वे केजरीवाल को वोट नहीं देंगे। 8 फीसद लोगों ने कोई राय नहीं दी। सर्वे में शामिल 71 फीसद लोगों ने इस चुनाव में आप को वोट दिया था। लेकिन, आज की स्थिति में 64 फीसद लोग ही केजरीवाल को वोट देना चाहते हैं। ऐसे में साफ है कि 7 फीसद लोगों का केजरीवाल से मोहभंग हुआ है।
सर्वे के दौरान जब यह पूछा गया कि क्या आप अपने घोषणापत्र किए गए वादों को पूरा कर पाएगी? 59 फीसद लोगों ने कहा कि केजरीवाल वादे पूरे कर लेंगे, जबकि 29 फीसदी लोगों का कहना है कि केजरीवाल ने लंबे-चौड़े वादे तो किए हैं लेकिन वह जमीन पर नहीं उतार पाएंगे। खास करके बिजली दर में 50 फीसद की कटौती और 700 लीटर मुफ्त पानी। 12 फीसद लोग तय नहीं कर पा रहे हैं केजरीवाल के वादे पूरे होंगे या नहीं। एबीपी न्यूज ने चुनाव नतीजों के दो दिन बाद 10 दिसंबर को भी एक त्वरित सर्वे किया था जिसमें 66 फीसदी लोगों ने कहा था कि आप को दिल्ली में सरकार बनानी चाहिए।

AAP ready to flex muscle in Bihar

AAP ready to flex muscle in Bihar




PATNA: The Aam Aadmi Party (AAP), Bihar unit, has fully come into being with its formal organisational structure being finalized on Thursday with the appointment of four zonal heads. The party is also getting set to make an announcement to contest all the 40 Lok Sabhaseats from the state in the 2014 parliamentary elections.

Ankit Lal, the IT head of the party who was in Patna on Thursday, said the formation of formal structure was necessitated after certain rumours spread that some party people had joined another party.

He said the entire AAP structure in Bihar is divided into four zones - Mitihilanchal, Magadh, Bhagalpur-Munger and North Bihar. Every zone has a convener, secretary and a treasurer. Patna comes under the Magadh zone which also has Jehanabad, Nalanda, Nawada, Gaya, Arwal, Aurangabad, Rohtas, Kaimur, Buxar and Bhojpur districts. Arif Raza is its convener and Suraj Dev Prasad Yadav is its secretary.

A party office has come into being at Buddha plaza here, near Patna junction. The party also launched a helpline number - 9507101888 - for people at large to know about the party. "People can know how to get membership or donate for the party. People can also lodge their complaints against any of our party members, if any, with credible evidence. In short, this will serve as an interface between the party and people," Ankit said.

The party office-bearers said they aimed to associate about seven lakh people with the party before the 2014 LS polls through a three-pronged drive. An advertising van would be launched at village level to convince people to join the party. Fifteen canopies will be opened in and around Patna. A door-to-door campaign will also be launched.

However, a perceptible discontent has also risen within the party after the formation of its organisational structure. Though Ankit claimed that these zonal heads were "elected" by district-level committees after proper voting, some of AAP members claimed it was not true. One of its founding members, who is also conducting membership drive for the party, said no voting has taken place and some people with not very clean record have been made office-bearers. "I will communicate the discontent to senior party leaders in Delhi and hope they will live up to the democratic credentials of the party," said a member who has been the AAP member since its inception

Ankit, however, said, "If anyone cites evidence of any member of the party having a criminal record, his membership would be cancelled. We have proved this in Delhi elections. We withdrew the candidature of one of the party candidate in Delhi polls."

वाराणसी में आज मोदी करेंगे शंखनाद, सुरक्षा कड़ी

वाराणसी में आज मोदी करेंगे शंखनाद, सुरक्षा कड़ी

Fri, 20 Dec 2013 05:02 AM (IST)
वाराणसी में आज मोदी करेंगे शंखनाद, सुरक्षा कड़ी
लखनऊ। वाराणसी में शुक्रवार को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी शंखनाद रैली को संबोधित करेंगे। इसके लिए सुरक्षा संबंधित सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वाचल में नरेंद्र मोदी की यह पहली रैली है, जिस पर सबकी निगाहें लगी हैं। इस रैली में मोदी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।
रैली में भाग लेने के लिए मोदी पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह के साथ विशेष विमान से पूर्वाह्न करीब 11 बजे बावतपुर हवाई अड्डे पर उतरेंगे। वहां से हेलीकॉप्टर से काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचेंगे और वहां से सड़क मार्ग द्वारा बाबा विश्वनाथ व संकट मोचन मंदिर के दर्शन के लिए रवाना होंगे।
इस रैली में काशी क्षेत्र के 14 संसदीय और 72 विधानसभा क्षेत्रों से भीड़ का जुटान होगा। रैली की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश तथा गुजरात पुलिस के अलावा केंद्रीय बल भी मुस्तैद हैं। रैली स्थल के इर्द-गिर्द के गांवों के लाइसेंसी असलहे जमा करा लिए गए हैं। भाजपा का दावा है कि वाराणसी की यह रैली अभी तक की सबसे बड़ी रैली साबित होगी।
इस रैली की सुरक्षा को लेकर शासन पूरी तरह से चौकस है। प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता और पुलिस महानिदेशक देवराज नागर ने गुरुवार को अधिकारियों से सुरक्षा की तैयारी की रिपोर्ट ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सुरक्षा के लिहाज से इंटेलीजेंस ब्यूरो ने राज्य सरकार को आगाह किया है। आइबी ने कानपुर, झांसी, बहराइच में भी कुछ विरोधी तत्वों द्वारा खुराफात के इनपुट दिए थे। इसलिए वाराणसी में पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल भेजा गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव और डीजीपी ने मातहतों से पूरी व्यवस्था के बारे में जानकारी ल
लेकिन रैली स्थल पर इंतजामों को लेकर प्रशासन और भाजपा नेताओं के बीच तल्खी पैदा हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट प्रांजल यादव ने रैली के आयोजक सांसद मुरली मनोहर जोशी और विधायक रवींद्र जायसवाल को पत्र लिखकर बेरिकेडिंग और अन्य इंतजाम न होने पर नाराजगी जतायी है। इसी के चलते सुरक्षा एजेंसियां गुरुवार दोपहर तक रैली स्थल को कब्जे में लेकर सुरक्षा जांच नहीं कर सकीं। जिलाधिकारी ने कोई गड़बड़ी होने पर आयोजकों के जिम्मेदार होने की बात कही है।

देवयानी को आजम खां का ऑफर, रामपुर से लड़ें चुनाव

देवयानी को आजम खां का ऑफर, रामपुर से लड़ें चुनाव

Fri, 20 Dec 2013 04:01 AM (IST)
देवयानी को आजम खां का ऑफर, रामपुर से लड़ें चुनाव
लखनऊ। अमेरिका दौरे के दौरान तलाशी और पूछताछ के शिकार बन चुके यूपी के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खां ने आइएएस [भारतीय विदेश सेवा] के अधिकारी व अमेरिका में तैनात भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागडे को रामपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि सांसद होने के बाद वह अमेरिका की ऐसी नीतियों का मुखर होकर विरोध कर सकेंगी।
पत्रकारों से बातचीत में आजम खां ने रायनायिक के साथ अमेरिकी प्रशासन द्वारा किये गए व्यवहार की कड़े शब्दों में निन्दा की और कहा कि सवाल यह भी है कि भारतीय संस्कृति व हिन्दुत्व के अलम्बरदार भाजपा जैसे दलों ने देवयानी के साथ बदसलूकी को कैसे बर्दाश्त किया। उनकी ओर से किसी ने कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। वीएचपी जैसे संगठन खामोश रहे। यह चुप्पी हैरानी की बात है।
आजम खा ने कहा कि अमेरिका एक ऐसा देश है जो वर्षो से खासकर हिंदुस्तानियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करता आ रहा है। यहां तक कि उसने इस देश के अति सम्मानित व्यक्तियों को भी नहीं बख्शा है। उनके साथ भी जिल्लतभरा व्यवहार किया गया था, जिसके खिलाफ उन्होंने वहीं विरोध किया था।

देवयानी मामला: वारंट के बावजूद कैसे अमरीका गए संगीता के पति

देवयानी मामला: वारंट के बावजूद कैसे अमरीका गए संगीता के पति

 गुरुवार, 19 दिसंबर, 2013 को 19:03 IST तक के समाचार
देवयानी खोबरागड़े
भारतीय राजनयिक क्लिक करेंदेवयानी खोबरागड़े की अमरीका में हुई गिरफ्तारी के मामले में कई ऐसे सवाल हैं जो अभी तक सुलझ नहीं सके हैं.
देवयानी खोबरागड़े के ख़िलाफ़ उनके यहाँ घरेलू काम करने वाली संगीता रिचर्ड का शोषण करने, अधिक घंटों तक काम करवाकर कम भुगतान करने और उन्हें वीज़ा दिलाने के लिए झूठे तथ्य देने के आरोप लगे हैं.
लेकिन इन सब के बीच एक सवाल ये भी है कि क्लिक करेंदेवयानी की अमरीका में हुई गिरफ्तारी के पहले अगर संगीता और उनके पति फिलिप रिचर्ड के ख़िलाफ़ एक भारतीय अदालत ने ग़ैर ज़मानती वारंट जारी कर रखा था, तब फिलिप अपने बच्चों के साथ अमरीका कैसे चले गए?
अमरीका में भारतीय दूतावास की ओर से जारी किए गए एक बयान के मुताबिक़:
  • संगीता रिचर्ड एक भारतीय नागरिक हैं जो देवयानी खोबरागड़े की घरेलू नौकरी करने एक सरकारी पासपोर्ट पर अमरीका गईं थीं.
  • जून 2013 में देवयानी ने संगीता के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई थी.
  • इस बीच जुलाई 2013 में संगीता के पति फिलिप रिचर्ड ने एक भारतीय अदालत में देवयानी खोबरागड़े और भारत सरकार के ख़िलाफ़ एक याचिका दायर की जिसमें कहा गया कि उनकी पत्नी संगीता न्यूयॉर्क में पुलिस हिरासत में हैं.
  • चार दिनों के भीतर फिलिप ने इस याचिका को अदालत से वापस ले लिया.
  • इसके बाद 19 नवंबर 2013 को देवयानी खोबरागड़े की शिकायत के आधार पर संगीता और उनके पति फिलिप रिचर्ड के ख़िलाफ़ दक्षिण दिल्ली के एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने ग़ैर ज़मानती वारंट जारी किए.
  • रिचर्ड दंपति पर भारतीय कानून अधिनियम की धारा 120B के तहत धोखाधड़ी और 'क्रिमिनल कॉन्स्पीरेसी' यानी आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज किया गया था.
    "आखिर फ़िलिप अमरीका कैसे पहुँच गया?"
    एग्नस सैमुएल, फ़िलिप रिचर्ड की माँ

वीज़ा कैसे?

दिल्ली पुलिस के उपायुक्त (दक्षिण) बीएस जायसवाल ने बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "फ़िलिप और उनकी पत्नी संगीता दोनों के ख़िलाफ़ वारंट नवंबर में ही जारी किए गए हैं."
अमरीका में भारतीय दूतावास के अनुसार छह दिसंबर को ये वॉरंट अमरीकी सरकार को भी सौंप दिए गए थे.
अब सवाल यही उठता है कि अपने ख़िलाफ़ जारी हुए वॉरंट के बावजूद फ़िलिप रिचर्ड अपने बच्चों के साथ एक अमरीकी वीज़ा पर भारत से कैसे चले गए?
अंतरराष्ट्रीय क़ानून के वकील जी वेंकटेश राव भारत के सर्वोच्च न्यायालय में वकालत करते हैं.
उन्होंने बताया, "निश्चित तौर पर कई झूठ बोले गए होंगे. कई बार भारतीय हवाई अड्डों पर आपराधिक मामलों की पूरी सूची ही नहीं होती. पुराना ही तरीका आज भी प्रयोग में है
जब पुलिस को लगता है कि कोई फ़रार हो सकता है तब सूचना आगे बढ़ाई जाती है. दूसरी बात कि वीज़ा लेते समय या तो झूठ बोला गया या फिर इस बात का पता होते हुए भी अमरीका के अधिकारियों ने फ़िलिप रिचर्ड को जाने दिया. दोनों ही सूरतों में भारतीय कानून का उल्लंघन हुआ है."

बीबीसी ने फ़िलिप रिचर्ड की माँ एग्नस सैमुएल से संपर्क किया तो उनका सवाल था, "आखिर फ़िलिप अमरीका कैसे पहुँच गया?"

देवयानी मामले पर भारत में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
हालांकि एग्नस ने फ़िलिप के साथ किसी भी रिश्ते से भी साफ़ इनकार किया है और बताया कि फ़िलिप से उनकी मुलाक़ात पूरे सात वर्ष पहले हुई थी.
इन दिनों एग्नस दिल्ली स्थित न्यूज़ीलैंड दूतावास में किसी अधिकारी के घर पर काम करती हैं.
उधर अमरीका में देवयानी मामले को देखने वाले सरकारी वकील प्रीत बरारा ने मीडिया में आने वाली तमाम ख़बरों का खंडन किया है.
उन्होंने एक बयान में कहा, "पीड़ित परिवार को अमरीका लाने को लेकर लगाए जा रहे कयास गलत हैं. न्याय विभाग में जब तक यह मामला लंबित है तब तक पीड़ित, गवाहों और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अमरीका प्रतिबद्ध है".
बरारा का कहना है कि कयास लगाने के बजाय पीड़ित परिवार को यहां लाने के कारणों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिली थी कि पीड़ित को चुप कराने और उसे भारत लौटने पर बाध्य करने के लिए उसके खिलाफ भारत में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.
इस बयान के बाद अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार को फ़िलिप रिचर्ड के अमरीका पहुँच जाने की जानकारी देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी के बाद ही मिली?

सुप्रीम कोर्ट ने गांधी को जाति बनाने की मांग नकारी

सुप्रीम कोर्ट ने गांधी को जाति बनाने की मांग नकारी

Thu, 19 Dec 2013 06:34 PM (IST)
सुप्रीम कोर्ट ने गांधी को जाति बनाने की मांग नकारी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपत्तियों से पैदा हुई संतानों को गांधी जाति के रूप में मान्यता देने की एक स्वतंत्रता सेनानी की जनहित याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, वह 86 वर्षीय याचिकाकर्ता सलेम वेलु गांधी उर्फ सी वेलू द्वारा उठाये गए मुद्दे पर विचार करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन याची इस संबंध में सरकार के पास उचित प्रतिवेदन भेजने को स्वतंत्र हैं।
प्रधान न्यायाधीश पी सतशिवम और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की खंडपीठ ने कहा, हमने व्यक्तिगत रूप से पेश याचिकाकर्ता को सुना और संबंधित सामग्री का अवलोकन किया। हम याची द्वारा उठाए गए मुद्दे पर विचार के पक्ष में नहीं हैं।
वेलु ने अपनी याचिका में कहा था कि जातिविहीन समाज के सृजन के लिए सिर्फ एक 'गांधी' जाति होनी चाहिए ताकि अंतरजातीय विवाह करने वाले दंपत्तियों से पैदा हुई संतानों को पुरानी जाति प्रथा के कारण परेशान नहीं हो। इस तरह के कदम से जातिविहीन समाज की स्थापना में मदद मिलेगी। अत: शीर्ष अदालत केंद्र और राज्य सरकारों को गांधी जाति को मान्यता देने के लिए निर्देश दे।
याचिका में दलील दी गई थी कि जन्म के समय बच्चे के साथ कोई जाति सूचक चिन्ह नहीं होता है लेकिन यह तो समाज है जो उन्हें तमगे देता है। समूची हिंदू आबादी 9500 से अधिक जातियों में बंटी है। मुस्लिमों में भी विभिन्न उप जातियां हैं और जातियों के आधार पर पक्षपात ही देश में गुलामी का कारण रहा है।

कभी बचाई थी राजीव गांधी की जान, आज कर रहा मजदूरी

कभी बचाई थी राजीव गांधी की जान, आज कर रहा मजदूरी

Thu, 19 Dec 2013 03:06 PM (IST)
कभी बचाई थी राजीव गांधी की जान, आज कर रहा मजदूरी
हांसी [हिसार], [पंकज नागपाल]। भारतीय सेना की पैरा रेजीमेंट में भर्ती होने के बाद वीरता के बलबूते शांति मेडल हासिल करने वाला जांबाज फौजी भरत सिंह आज दो जून की रोटी के जुगाड़ के लिए मजदूरी कर रहा है।
फौजी का कहना है कि श्रीलंका में भेजी गई शांति में वह भी शामिल था। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जाफना दौरे के दौरान तामिल सैनिक ने अपनी राइफल के बट से जब राजीव पर प्रहार किया था तो उस समय वह ही भारतीय प्रधानमंत्री के पीछे चल रहा था और उसने राइफल को झपट कर पकड़ लिया था। उनकी इसी सतर्कता पर सेना अधिकारियों ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें इनाम के तौर पर शांति मेडल प्रदान किया था। महेंद्रगढ़ जिले की कनीना तहसील के गांव पोटा के रहने वाले भरत सिंह ने बताया कि मजदूरी करने वाले उसके साथी अब भी उसे फौजी के नाम से पुकारते हैं।
भरत सिंह ने बताया कि वे 1981 में भारतीय थल सेना की पैरा रेजीमेंट में सैनिक के पद पर भर्ती हुए थे। वे आगरा में रेजीमेंट के मुख्यालय पर तैनात थे। अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को आतंकियों से मुक्त करवाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनकी इस शानदार बहादुरी से खुश होकर उन्हें हवलदार पद दिया गया था। इसके बाद उन्हें उनकी बहादुरी देख कर 1987 में उन्हें श्रीलंका में गई शांति सेना में भेजा गया था। वहीं कुछ समय बाद उनका बुरा दौर शुरू हुआ। भरत सिंह ने बताया कि अपनी यूनिट के हेड क्लर्क के एक आदेश को उन्होंने मानने से इंकार कर दिया था। इसी रंजिश में क्लर्क ने भरत सिंह को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। इसके कुछ ही समय बाद सेना के अधिकारियों व सैनिक साथियों के साथ सेना के वाहन में बैठकर जा रहे भरत सिंह के दोनों पांव एक भूमिगत सुरंग के फटने से बुरी तरह जख्मी हो गए। इसके बाद इलाज के दौरान उसके सिर पर करंट लगाकर उसे पागल घोषित कर सेना से वापस भेज दिया गया। यही नहीं, सेना में दिखाई बहादुरी के नाम पर उन्हें महज एक डिस्चार्ज पुस्तिका थमा दी गई। उन्हें पेंशन व अन्य लाभ नहीं दिए गए। उन्होंने बताया कि उनकी हालात का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर भी कब्जा कर लिया। न्याय के लिए उन्हें जगह-जगह फरियाद की लेकिन सब व्यर्थ। व्यवस्था से थक हारकर सेना का ये हवलदार आखिरकार दो जून की रोटी के जुगाड़ के लिए मजदूरी करने पर विवश हो गया।

Wednesday, 18 December 2013

BJP stages walkout over PDS in Himachal assembly

BJP stages walkout over PDS in Himachal assembly



Congress, BJP in race to take credit for Lokpal Bill passage

Congress, BJP in race to take credit for Lokpal Bill passage


अब भाजपा ने दागे केजरीवाल पर 14 सवाल, पूछा क्यों नहीं बनाते सरकार

अब भाजपा ने दागे केजरीवाल पर 14 सवाल, पूछा क्यों नहीं बनाते सरकार

Thu, 19 Dec 2013 05:09 AM (IST)
अब भाजपा ने दागे केजरीवाल पर 14 सवाल, पूछा क्यों नहीं बनाते सरकार
नई दिल्ली। इस बार भाजपा, आम आदमी पार्टी (आप) को कमतर आंकने की भूल नहीं करेगी, बल्कि कांग्रेस के बजाय 'आप' पर जमकर हमला करेगी। इसकी शुरुआत करते हुए भाजपा ने बुधवार को आप पर जोरदार हमला बोला और कहा कि आप जनमत संग्रह के नाम पर ढोंग कर रहा है। साथ ही, कांग्रेस और आप के गठबंधन को अनैतिक बताया।
चुनाव परिणाम आने के बाद पहले संवाददाता सम्मेलन में बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि चुनाव परिणाम आए 11 दिन बीत गए हैं, बावजूद इसके दिल्ली की जनता अनिर्णय की स्थिति में है। इसके लिए आप जिम्मेवार है। आप को 28 सीटें देकर जनता ने दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर चुना है तो फिर इसके नेता फिर से जनमत संग्रह का ढोंग क्यों कर रहे हैं? जबकि इस जनमत संग्रह का परिणाम पहले से ही तय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और 'आप' के बीच चुनाव पहले से अप्रत्यक्ष गठबंधन है और आने वाले दिनों में ये दोनों पार्टियां मिलकर सरकार बनाएंगी। बेशक आप विधायक दल के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा पूछे गए 18 सवालों का जवाब भाजपा ने नहीं दिया है, लेकिन इन सवालों के बदले भाजपा ने उल्टे आप से 14 सवाल पूछे हैं।
- आप जनता को जवाब दे कि दिल्ली में सरकार बनाएगी या नहीं?
- कांग्रेस का समर्थन लेगी या नहीं?
- अनिश्चय की स्थिति से दिल्ली में विकास बाधित हो रहा है, इसके लिए आप दोषी है या नहीं?
- आप द्वारा एक ओर कांग्रेस पर आरोप लगाए जा रहे हैं, दूसरी ओर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना रही है। क्या यह नूरा कुश्ती है?
- दोनों पार्टियों में अंदरखाने क्या 'डील' हुई है?
- भाजपा स्पष्ट कर चुकी है कि सरकार नहीं बनाएगी तो आप ने भाजपा को पत्र क्यों लिखा?
- आप नेता प्रशांत भूषण ने कश्मीर को भारत से अलग करने का समर्थन किया था। इस पर आप को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।
- सरकार बनाने को लेकर आप द्वारा ड्रामा क्यों रचा जा रहा है?
- तौकीर रजा को समर्थन को लेकर आप अपना स्टैंड स्पष्ट करे?
- क्या केजरीवाल एंड पार्टी समाजसेवी अन्ना हजारे से ज्यादा बुद्धिमान हैं?
- अन्ना हजारे द्वारा पार्टी न बनाने की सलाह क्यों नहीं मानी?
- आप नेता अमर्यादित व असंसदीय भाषा का प्रयोग क्यों करते हैं?
- क्या अन्ना द्वारा लोकपाल का समर्थन करने पर आप जनता की राय मांगेगी?
- क्या आप का उद्देश्य चुनाव लड़ने के नाम पर केवल चंदा वसूलना नहीं है?
- आप को 28 सीटें देकर जनता ने दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर चुना है तो फिर इसके नेता फिर से जनमत संग्रह का ढोंग क्यों कर रहे हैं, जबकि इसका परिणाम पहले से ही तय है।